TDS के
जाल से बाहर निकलना:
Refund की ज़रूरत क्यों पड़ती
है?
नमस्ते! मैं जानता
हूँ कि TDS (Tax Deducted at Source) शब्द सुनते
ही कई लोगों
के माथे पर बल पड़
जाते हैं। खासकर
जब आपकी Total Income Taxable Limit से कम
हो, लेकिन फिर
भी बैंक या Employer
आपका टैक्स काट
लें। यह कटा हुआ पैसा
ही हमारा TDS Refund कहलाता
है।
November 2025 तक
की Latest Rules के हिसाब
से, ITR फाइलिंग की
प्रक्रिया काफी Fast हो गई
है, लेकिन TDS Refund अभी
भी बहुत लोगों
के लिए Headache बना
हुआ है। रिफंड
में Delay होने का
मतलब है कि आपका पैसा
एक साल तक सरकार के
पास फंसा हुआ
है।
आज, हम सिर्फ
TDS Refund पाने के Reactive (ITR Filing) तरीके पर
बात नहीं करेंगे,
बल्कि एक Proactive और
Smart Solution जानेंगे: Form
15G और Form 15H का इस्तेमाल।
यह फॉर्म आपकी
Income पर TDS कटने ही
नहीं देगा!
चलिए, इस Complex Process को आसान
भाषा में समझते
हैं ताकि आप Financial
Year 2026-27 में अपनी Tax Planning को परफेक्ट
कर सकें।
TDS Refund का
क्या मतलब है? (The Basics)
TDS का
नियम बहुत सीधा
है: अगर कोई व्यक्ति आपको Specified Income (जैसे सैलरी,
FD पर ब्याज, कमीशन,
रेंट) दे रहा है, और
वह रकम एक Threshold
Limit से ऊपर है,
तो पैसा देने
वाले को उसमें
से कुछ हिस्सा
(Tax) काटकर सरकार को
जमा करना होता
है।
TDS Refund तब
बनता है जब आपका कटा
हुआ TDS आपकी Actual Tax Liability से ज्यादा
हो।
उदाहरण के लिए:
- आपकी Total Annual Income (सारी Deductions के बाद) ₹5,00,000 है। (यह New Regime की Rebate Limit से कम है, इसलिए आपकी Tax Liability Zero है)।
- लेकिन, आपके Fixed Deposit पर बैंक ने ₹10,000 का TDS काट लिया।
- Refund Amount: आपकी Tax Liability (₹0) - TDS कटा (₹10,000) = ₹10,000 का Refund।
TDS Refund पाने
का एक ही रास्ता
है: ITR (Income Tax
Return) File करना।
TDS Refund से
बचने का सबसे तेज़
तरीका: ITR से पहले Planning
सबसे Smart
Finance Expert वह नहीं है
जो Refund पाने का
इंतज़ार करे, बल्कि
वह है जो TDS
कटने ही न दे। यहीं
पर Form 15G और Form 15H काम आते
हैं।
Form 15G और
15H क्या हैं?
ये दोनों फॉर्म
Declaration Forms हैं। इन्हें जमा
करने का मतलब है कि
आप बैंक या Payer
को यह बता रहे हैं
कि आपकी Total Income Taxable Limit से कम
है, इसलिए आप
पर कोई टैक्स
नहीं बनता।
जब आप यह फॉर्म
जमा करते हैं, तो
बैंक (या कोई भी
Payer) आपकी Fixed
Deposit पर या अन्य ब्याज
Income पर TDS नहीं काटता है।
|
Form |
Full
Name |
Purpose |
Who
Files It? |
|
15G |
Form 15G Declaration |
TDS न काटने के लिए
Declaration |
Individual और
HUF (जिनकी उम्र 60 साल से
कम है) |
|
15H |
Form 15H Declaration |
TDS न काटने के लिए
Declaration |
Senior Citizen (जिनकी
उम्र 60 साल या
उससे ज्यादा है) |
Form 15G और
15H में मुख्य अंतर
|
Parameter |
Form
15G |
Form
15H |
|
Age Limit |
60 वर्ष से कम |
60 वर्ष
या उससे अधिक (Senior Citizen) |
|
Eligibility Condition |
आपकी Total
Income पर Tax
Liability Zero होनी चाहिए। और FD Interest भी
Basic Exemption Limit (AY 2026-27 के
हिसाब से ₹3.5 लाख)
से कम होना
चाहिए। |
केवल
Tax Liability Zero होनी चाहिए। Basic Exemption Limit
की शर्त लागू
नहीं होती। |
|
Tax Payer Status |
Individual या
HUF |
Only Individual (Senior Citizen) |
कब और कहाँ जमा
करें?
- कहाँ जमा करें: यह फॉर्म बैंक, पोस्ट ऑफिस, NBFCs (जैसे Bajaj Finance) या Cooperative Societies में जमा करना होता है, जहाँ आपकी FD या RD है। अब यह सुविधा अधिकतर Online (Net Banking) पर भी उपलब्ध है।
- कब जमा करें: Financial Year की शुरुआत में (यानी April के पहले हफ्ते में) या जब आप FD/RD करवा रहे हों।
- ज़रूरी बात: यह फॉर्म हर Financial Year में Renew करना पड़ता है।
फायदा:
Form 15G/15H जमा करने से
आपका ₹10,000 का TDS कटता ही नहीं, तो
Refund का इंतज़ार ही खत्म!
यही TDS Refund पाने का
सबसे Fastest तरीका है।
TDS Refund पाने
का दूसरा तरीका: ITR Filing (The Reactive Approach)
मान लीजिए आप
Form 15G/15H जमा करना भूल
गए थे, और आपका TDS कट गया
है। अब आपको Refund
केवल ITR File करके ही
मिल सकता है।
ITR File करके
Refund Process कैसे शुरू होता है?
- Form 26AS/AIS चेक करें: ITR फाइल करने से पहले Form 26AS और AIS में सुनिश्चित करें कि कटा हुआ TDS पूरी तरह से दिख रहा है। अगर नहीं दिख रहा, तो Refund नहीं मिलेगा।
- सही ITR Form चुनें: अपनी Income के अनुसार सही ITR फॉर्म (ज्यादातर Salaried के लिए ITR-1 या ITR-2) चुनें।
- Income Details भरें: अपनी सारी Income (Salary, House Property, Capital Gains, Bank Interest) सही से भरें।
- TDS Claim करें: ITR में Schedule TDS के अंदर अपने 26AS से Match करते हुए TDS Credit क्लेम करें।
- Refund Calculated: अगर आपका Total Tax Payable Zero है और Total TDS Cut ज्यादा है, तो ITR ऑटोमैटिकली Refund Amount दिखाएगा।
- E-Verification: ITR फाइल करने के बाद E-Verification (Aadhaar OTP या Net Banking से) करना ज़रूरी है।
- Processing: Income Tax Department आपकी ITR को Process करता है (लगभग 7 दिन से 30 दिन में)।
- Refund Credit: ITR Process होने के बाद, आपका Refund आपके Pre-Validated Bank Account में आ जाता है।
Refund Delay क्यों
होता है? (Common Mistakes)
Refund Delay होने
के 90% मामलों में
गलती टैक्सपेयर की
तरफ से होती है।
- Bank Account Not Validated: ITR में दिया गया बैंक अकाउंट Pre-Validated नहीं है या PAN से लिंक नहीं है। (सबसे बड़ी गलती)
- Form 26AS Mismatch: आपने ITR में TDS का क्लेम तो कर दिया, लेकिन Form 26AS में वह TDS नहीं दिख रहा। (यह अक्सर तब होता है जब Deductor ने TDS Return देर से फाइल किया हो)।
- ITR-V Pending: आपने ITR फाइल तो कर दी, लेकिन E-Verification नहीं किया या Acknowledgement (ITR-V) CPC Bangalore को 30 दिन के अंदर नहीं भेजा।
- Wrong ITR Form: गलत ITR फॉर्म का इस्तेमाल किया गया है।
TDS Refund को
Fast-Track करने के लिए दो
ज़रूरी कदम
Refund जल्दी
पाने के लिए ये दो
चीजें आज ही सुनिश्चित करें:
1. Bank Account Pre-Validation है Mandatory
Income Tax Department अब
Refund केवल Pre-Validated
बैंक अकाउंट में
ही भेजता है।
- Process: Income Tax E-filing Portal पर Log In करें > Profile > My Bank Accounts में जाकर अपने बैंक अकाउंट को E-Validate करें। सुनिश्चित करें कि आपका PAN आपके बैंक अकाउंट से जुड़ा हुआ है।
2. E-Verification (EVC) सबसे तेज
है
ITR फाइल करने के
बाद Verification सबसे ज़रूरी
है। अगर आप ITR-V
को Physical तरीके से
CPC Bangalore भेजते हैं, तो
Delay होगा।
- Fastest Way: ITR फाइल होने के 120 दिन के भीतर Aadhaar OTP या Net Banking के ज़रिए E-Verification करें। इससे आपकी ITR तुरंत Process होना शुरू हो जाती है।
Shree Dwarikadhish Tax Consultancy: आपके Refund को Fast-Track करें
चाहे आपको TDS कटने से
बचना हो (Form 15G/15H) या Refund को Fast-Track करवाना हो,
Tax Laws की गहरी जानकारी
बहुत ज़रूरी है।
Bank Interest के अलावा ITR-2 या ITR-3 में Capital Gains के कारण
भी TDS Refund बन सकता
है।
Shree Dwarikadhish Tax Consultancy की टीम
आपके लिए TDS Refund का
Accurate Calculation करती
है और यह सुनिश्चित करती है कि आपकी
ITR Error-Free फाइल हो। हम
ITR Filing से पहले AIS और 26AS का Reconciliation करते हैं,
ताकि Demand Notice या Refund Delay का कोई
मौका न रहे।
हमारी Professional
Expertise आपको Maximum
Tax Savings और समय पर
Compliance सुनिश्चित करती है।
हमारी मुख्य Services
- Refund & Tax Planning
- Income Tax Return Filing (जल्दी और सटीक)
- GST Registration & Return Filing
- Business Compliance & Advisory: MSME Registration, PAN/TAN, FSSAI, Trademark
- Corporate Services: Company/LLP Formation, DSC, Annual Compliance & Audit
किसी भी Tax Issue पर free consultation के लिए हमें तुरंत संपर्क करें।
Overall
TDS Refund को
पाना मुश्किल नहीं
है, बस आपको Planning
सही करनी होगी।
Form 15G/15H का इस्तेमाल करके आप TDS
कटने से रोक सकते हैं।
अगर कट गया है, तो
ITR को Accurate और Pre-Validated Bank Account के साथ
E-Verify करना ही Refund पाने का
सबसे तेज़ तरीका
है।
हमारा वादा है: हम
आपकी ITR को ऐसे
फाइल करेंगे कि
Refund आपको जल्द से
जल्द मिले।
📞 Expert Consultation के लिए अभी
संपर्क करें (Contact Us)
Shree Dwarikadhish Tax Consultancy
- WhatsApp/Call: 7898860859 और 939636991
- Email: Dwarikadhishtaxconsultancy@gmail.com
Best Regards,
Team Shree Dwarikadhish Tax Consultancy

