Tax Saving के 10 best तरीके 2026: ₹1.5 लाख की छूट कैसे पाएं?

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टैक्स सेविंग के 10 बेस्ट तरीके 2026: ₹1.5 लाख की छूट कैसे पाएं?

नमस्ते,

हम नवंबर 2025 में प्रवेश कर चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 का आधा सफर तय हो चुका है और यह वह समय है जब हमें अपनी Financial Planning और विशेष रूप से Tax Planning को गंभीरता से लेना शुरू कर देना चाहिए। अक्सर देखा जाता है कि लोग मार्च के महीने में हड़बड़ी में निवेश करते हैं, जो कि सही रणनीति नहीं है।

एक अनुभवी फाइनेंस एक्सपर्ट के तौर पर, मैं हमेशा सलाह देता हूँ कि टैक्स सेविंग एक साल भर चलने वाली प्रक्रिया होनी चाहिए, कि आखिरी मिनट का काम।

वर्तमान परिदृश्य में, टैक्स प्लानिंग थोड़ी पेचीदा हो गई है। सरकार ने New Tax Regime को 'डिफॉल्ट' विकल्प बना दिया है, जिसमें टैक्स की दरें कम हैं लेकिन छूट (Deductions) ना के बराबर हैं। दूसरी ओर, पुरानी व्यवस्था (Old Regime) अभी भी मौजूद है, जहाँ आप विभिन्न निवेशों के माध्यम से अपनी Taxable Income को काफी कम कर सकते हैं।

आज के इस विस्तृत ब्लॉग में, हम चर्चा करेंगे कि कैसे आप 2026 (Assessment Year 2026-27) के लिए स्मार्ट तरीके से टैक्स बचा सकते हैं। हम विशेष रूप से Section 80C की ₹1.5 लाख की सीमा और उसके अलावा उपलब्ध अन्य महत्वपूर्ण कटौतियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे, ताकि आप अपनी मेहनत की कमाई का अधिकतम हिस्सा अपने पास रख सकें।

सबसे पहले: Old Regime vs. New Regime का गणित समझें

टैक्स बचाने के तरीकों पर कूदने से पहले, यह समझना महत्वपूर्ण है कि ये तरीके किस रिजीम में काम करते हैं।

  • New Tax Regime (Default): यह सरल है। टैक्स स्लैब की दरें कम हैं। लेकिन, इसमें Section 80C, 80D, HRA जैसी अधिकांश प्रमुख कटौतियां उपलब्ध नहीं हैं। (हालांकि, स्टैंडर्ड डिडक्शन और NPS में एम्प्लॉयर का योगदान जैसी कुछ छूट यहाँ भी मिलती हैं)
  • Old Tax Regime: यहाँ टैक्स की दरें थोड़ी ऊंची हैं, लेकिन यह आपको निवेश और खर्चों के आधार पर भारी छूट का दावा करने की अनुमति देता है।

मुख्य बात: यदि आपके पास होम लोन, बीमा प्रीमियम, बच्चों की फीस और अन्य निवेशों के रूप में कुल मिलाकर लगभग ₹3.75 लाख से ₹4 लाख से अधिक की कटौती (Deductions) हैं, तो आमतौर पर Old Regime में बने रहना ही फायदेमंद होता है।

आज हम जिन 10 तरीकों की बात करेंगे, वे मुख्य रूप से उन लोगों के लिए गेम-चेंजर हैं जो Old Tax Regime चुनते हैं।

Section 80C: ₹1.5 लाख का पावरहाउस (तरीके 1-7)

Section 80C भारतीय आयकर अधिनियम का सबसे लोकप्रिय हिस्सा है। यह आपको एक वित्तीय वर्ष में ₹1.5 लाख तक की अपनी कुल आय को कम करने की अनुमति देता है। आइए, इस सीमा को पूरा करने के 7 सबसे बेहतरीन तरीकों पर नज़र डालें:

1. Employees’ Provident Fund (EPF)

यदि आप एक वेतनभोगी (Salaried) कर्मचारी हैं, तो आपकी टैक्स सेविंग की शुरुआत यहीं से होती है। आपकी बेसिक सैलरी और डीए का 12% हर महीने EPF में कटता है। यह योगदान अपने आप Section 80C के तहत गिना जाता है।

  • फायदा: यह एक अनिवार्य बचत है जो आपको रिटायरमेंट के लिए तैयार करती है और साथ ही टैक्स भी बचाती है। आपको इसके लिए अलग से कुछ नहीं करना पड़ता।

2. Public Provident Fund (PPF)

PPF भारत में सबसे सुरक्षित और पसंदीदा लंबी अवधि के निवेश विकल्पों में से एक है। यह सरकार द्वारा समर्थित है और इसमें 15 साल का लॉक-इन पीरियड होता है।

  • क्यों चुनें: यह 'EEE' (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी में आता है। इसका मतलब है कि निवेश की गई राशि, उस पर मिलने वाला ब्याज, और मैच्योरिटी पर मिलने वाली कुल राशितीनों पूरी तरह से टैक्स-फ्री हैं। यह सुरक्षित रिटर्न चाहने वालों के लिए बेहतरीन है।

3. Equity Linked Savings Scheme (ELSS)

यदि आप थोड़ा जोखिम उठा सकते हैं और महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं, तो ELSS (Tax Saving Mutual Funds) सबसे अच्छा विकल्प है।

  • खासियत: सभी 80C विकल्पों में इसका लॉक-इन पीरियड सबसे कम (सिर्फ 3 साल) है। यह आपको इक्विटी मार्केट का एक्सपोजर देता है, जिससे लंबी अवधि में अच्छी वेल्थ क्रिएट हो सकती है। हालांकि, रिटर्न बाजार के जोखिमों के अधीन हैं।

4. Life Insurance Premium

अपने और अपने परिवार के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। आपके द्वारा चुकाया गया जीवन बीमा प्रीमियम (चाहे वह टर्म प्लान हो या ट्रेडिशनल एंडोमेंट प्लान) 80C के तहत कटौती के योग्य है।

  • एक्सपर्ट सलाह: टैक्स बचाने के लिए केवल बीमा खरीदें; पर्याप्त कवर सुनिश्चित करने के लिए एक शुद्ध Term Insurance प्लान लें।

5. Home Loan Principal Repayment (होम लोन मूलधन)

बहुत से लोग यह भूल जाते हैं कि उनकी होम लोन EMI का एक बड़ा हिस्सा मूलधन (Principal) वापसी में जाता है। यह मूलधन राशि Section 80C के तहत ₹1.5 लाख की सीमा में शामिल की जा सकती है।

  • नोट: यह केवल तभी लागू होता है जब आपने घर का पजेशन (possession) ले लिया हो।

6. बच्चों की ट्यूशन फीस (Children’s Tuition Fees)

भारत में किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में आपके दो बच्चों की पूर्णकालिक शिक्षा के लिए भुगतान की गई ट्यूशन फीस 80C के तहत क्लेम की जा सकती है।

  • ध्यान दें: इसमें डेवलपमेंट फीस, डोनेशन या ट्रांसपोर्ट फीस शामिल नहीं होती है, केवल ट्यूशन फीस घटक ही मान्य है।

7. Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) / National Savings Certificate (NSC)

यदि आपकी 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी है, तो SSY एक शानदार योजना है। यह वर्तमान में सबसे अधिक ब्याज दरों में से एक प्रदान करती है और PPF की तरह EEE का लाभ भी देती है।

वैकल्पिक रूप से, NSC (5 साल का लॉक-इन) एक सुरक्षित पोस्ट ऑफिस स्कीम है, जिसे आप 80C के अंतर को भरने के लिए उपयोग कर सकते हैं।

₹1.5 लाख के पार: अतिरिक्त टैक्स सेविंग के 3 तरीके (तरीके 8-10)

क्या आपने ₹1.5 लाख की सीमा पूरी कर ली है? बहुत बढ़िया। लेकिन टैक्स सेविंग यहीं खत्म नहीं होती। Old Regime में इसके ऊपर भी बचत के बेहतरीन मौके हैं।

8. National Pension System (NPS) - अतिरिक्त ₹50,000

यह मेरा व्यक्तिगत पसंदीदा विकल्प है। Section 80CCD(1B) के तहत, आप NPS (Tier I अकाउंट) में निवेश करके Section 80C की ₹1.5 लाख की सीमा के अलावा ₹50,000 की अतिरिक्त कटौती का दावा कर सकते हैं।

  • कुल लाभ: इसका मतलब है कि आप 80C और 80CCD(1B) को मिलाकर कुल ₹2 लाख तक की सीधी कटौती प्राप्त कर सकते हैं। यह रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए भी एक उत्कृष्ट कदम है।

9. Health Insurance Premium (Section 80D)

मेडिकल महंगाई के इस दौर में स्वास्थ्य बीमा अनिवार्य है। यह केवल आपकी बचत की रक्षा करता है, बल्कि टैक्स भी बचाता है।

Section 80D के तहत सीमाएं:

किसके लिए

अधिकतम कटौती (सालाना)

स्वयं, पति/पत्नी और बच्चे (60 वर्ष से कम)

₹25,000

माता-पिता (60 वर्ष से कम)

अतिरिक्त ₹25,000

माता-पिता (सीनियर सिटीजन - 60+)

अतिरिक्त ₹50,000


  • स्मार्ट टिप: यदि आप अपने और अपने सीनियर सिटीजन माता-पिता के लिए प्रीमियम का भुगतान करते हैं, तो आप कुल ₹75,000 (₹25k + ₹50k) तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। इसमें ₹5,000 तक का प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप भी शामिल है।

10. Home Loan Interest (Section 24b)

यह वेतनभोगी और स्वरोजगार (self-employed) दोनों वर्ग के लिए सबसे बड़ी कटौतियों में से एक है। यदि आपके पास एक सेल्फ-ऑक्यूपाइड (जिसमें आप रहते हैं) घर के लिए होम लोन है, तो आप भुगतान किए गए ब्याज पर प्रति वित्तीय वर्ष ₹2 लाख तक की कटौती का दावा कर सकते हैं।

  • बड़ी राहत: Section 80C (मूलधन) और Section 24b (ब्याज) को मिलाकर, एक होम लोन आपको Old Regime में बहुत बड़ी टैक्स राहत दे सकता है।

क्या New Tax Regime में भी कोई सेविंग संभव है?

अब, आप में से जो लोग New Tax Regime चुन रहे हैं या जिनके पास ज्यादा निवेश नहीं हैं, वे सोच रहे होंगे कि क्या उनके लिए कुछ है?

जी हाँ, बिल्कुल है। नवंबर 2025 तक के नियमों के अनुसार, New Tax Regime में भी कुछ महत्वपूर्ण छूटें मिलती हैं:

  1. Standard Deduction: वेतनभोगी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए ₹50,000 (या बजट घोषणाओं के आधार पर संशोधित राशि) की स्टैंडर्ड डिडक्शन New Regime में भी उपलब्ध है।
  2. Employer’s Contribution to NPS (Section 80CCD(2)): यदि आपका नियोक्ता (Employer) आपके NPS खाते में योगदान देता है, तो वह राशि (आपके बेसिक वेतन + डीए का 10% तक, सरकारी कर्मचारियों के लिए 14%) New Regime में भी टैक्स-फ्री है। यह एक बहुत बड़ा लाभ है जिसे अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।

सही प्लानिंग और एक्सपर्ट सलाह की ज़रूरत

जैसा कि आपने देखा, टैक्स सेविंग केवल एक प्रोडक्ट खरीदने के बारे में नहीं है, बल्कि यह एक समग्र रणनीति है। 2026 के लिए टैक्स फाइलिंग जटिल हो सकती है, खासकर जब आपको Old और New Regime के बीच चयन करना हो और यह सुनिश्चित करना हो कि सभी अनुपालन (compliances) सही हैं।

यहीं पर एक विशेषज्ञ की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

Shree Dwarikadhish Tax Consultancy में, हम समझते हैं कि हर व्यक्ति की वित्तीय स्थिति अलग होती है। हम केवल आपको ITR फाइल करने में मदद करते हैं, बल्कि साल भर आपके वित्तीय भागीदार के रूप में काम करते हैं।

हमारी सेवाओं में शामिल हैं:

  • Income Tax: सटीक ITR Filing और अधिकतम Refund प्राप्त करने के लिए रणनीतिक Tax Planning
  • GST: सुचारू GST Registration और समय पर Return Filing
  • Business Setup: Company/LLP Formation, MSME Registration, और Partnership deeds.
  • Compliance essentials: PAN/TAN सेवाएं, DSC, FSSAI लाइसेंस, Trademark पंजीकरण, और TDS रिटर्न।
  • Advisory: Business Compliance & Advisory और Annual Audits.

गलत रिजीम चुनने या किसी कटौती को भूलने से आपको हजारों रुपये का नुकसान हो सकता है। इसलिए, पेशेवर मदद लेना हमेशा एक समझदारी भरा कदम होता है।

Overall

नवंबर 2025 टैक्स प्लानिंग के लिए कार्रवाई करने का सही समय है। मार्च के अंतिम सप्ताह का इंतजार करें। ऊपर बताए गए 10 तरीकों का मूल्यांकन करें, देखें कि आपके वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार कौन से निवेश सबसे उपयुक्त हैं, और अपने डॉक्यूमेंटेशन को व्यवस्थित करना शुरू करें।

चाहे आप ELSS में SIP शुरू कर रहे हों, अपने होम लोन के ब्याज प्रमाणपत्र की जाँच कर रहे हों, या अपने माता-पिता के लिए स्वास्थ्य बीमा खरीद रहे होंहर कदम आपको टैक्स बचाने और आपके वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करेगा।

यदि आप इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि आपके लिए कौन सा टैक्स रिजीम बेहतर है या आप अपनी टैक्स सेविंग को अधिकतम कैसे कर सकते हैं, तो आज ही हमसे संपर्क करें।

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समझदारी से निवेश करें, स्मार्ट तरीके से टैक्स बचाएं!

 

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