📊 Free TDS Calculator Online (2026)
Calculate Tax Deducted at Source on Salary, Rent & Professional Fees
किसी भी बिज़नेस या प्रोफेशन में अकाउंटिंग करते समय TDS (Tax Deducted at Source) काटना और उसे समय पर सरकार को जमा करना सबसे महत्वपूर्ण कानूनी ज़िम्मेदारी है। गलत TDS काटने या लेट रिटर्न फाइल करने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट भारी पेनल्टी और ब्याज लगाता है।
Shree Dwarikadhish Tax Consultancy का यह TDS Calculator आपको Income Tax Act के अलग-अलग Sections (जैसे 194J, 194C, 194I) के तहत एकदम सटीक TDS अमाउंट और Net Payable Amount कैलकुलेट करने में मदद करता है।
TDS (Tax Deducted at Source) क्या है?
TDS भारत सरकार द्वारा टैक्स चोरी रोकने और साल भर रेवेन्यू इकट्ठा करने का एक तरीका है। इसके तहत, जब भी कोई व्यक्ति या कंपनी किसी दूसरे व्यक्ति को एक तय सीमा (Threshold Limit) से ज़्यादा का भुगतान (Payment) करती है, तो उसे उस पेमेंट में से एक निश्चित प्रतिशत टैक्स (TDS) काटकर सरकार को जमा करना होता है। बचा हुआ (Net Payable) पैसा सामने वाले को दिया जाता है।
यदि भुगतान प्राप्त करने वाला व्यक्ति (Deductee) अपना वैध PAN Card नहीं देता है, तो Income Tax Act की धारा 206AA के तहत आपको उस पेमेंट पर सीधा 20% की दर से (या जो रेट लागू हो, उसमें से जो भी अधिक हो) TDS काटना अनिवार्य है।
TDS Sections and Rates Chart (2026-27 Update)
| Section | Nature of Payment | Threshold Limit (Yearly) | TDS Rate (With PAN) |
|---|---|---|---|
| 192 | Salary (वेतन) | Basic Exemption Limit | As per Income Slab |
| 194J | Professional Fees / Royalty | ₹30,000 | 10% |
| 194J | Technical / Call Center Fees | ₹30,000 | 2% |
| 194C | Contractor (Single bill > 30k or Yearly > 1 Lakh) | ₹1,00,000 | 1% (Ind/HUF) 2% (Company) |
| 194I | Rent (Land / Building / Furniture) | ₹2,40,000 | 10% |
| 194I | Rent (Plant & Machinery) | ₹2,40,000 | 2% |
| 194H | Commission & Brokerage | ₹15,000 | 5% |
| 194A | Interest on Bank FD / Unsecured Loans | ₹40,000 (Senior ₹50k) | 10% |
TDS Payment & Return Filing Rules (Compliance)
Shree Dwarikadhish Tax Consultancy की तरफ से बिज़नेस मालिकों के लिए सख्त अनुपालन (Compliance) निर्देश:
अगर आप किसी खर्चे पर TDS काटना भूल जाते हैं या काटकर सरकार को जमा नहीं करते हैं, तो Income Tax Audit के दौरान आपके उस खर्चे का 30% हिस्सा अमान्य (Disallowed) कर दिया जाएगा। यानी आपको उस 30% हिस्से पर अपनी जेब से इनकम टैक्स भरना पड़ेगा!
- TDS Payment Due Date: हर महीने काटे गए TDS को अगले महीने की 7 तारीख तक सरकार (Challan ITNS 281) को जमा करना अनिवार्य है। (मार्च महीने के TDS को 30 अप्रैल तक जमा कर सकते हैं)।
- Late Payment Interest: अगर TDS नहीं काटा, तो 1% प्रति माह ब्याज लगेगा। और अगर TDS काट लिया लेकिन सरकार को जमा करने में देरी की, तो 1.5% प्रति माह का भारी ब्याज देना होगा (Section 201(1A))।
- Late Return Filing Penalty (Sec 234E): TDS Return (Form 24Q, 26Q) हर तिमाही (Quarter) में फाइल करना होता है। लेट फाइलिंग पर ₹200 प्रति दिन की पेनल्टी लगती है, जो अधिकतम काटे गए TDS अमाउंट तक जा सकती है।
TDS Certificates (Form 16 vs Form 16A)
TDS काटने वाले (Deductor) की ज़िम्मेदारी है कि वह रिटर्न फाइल करने के बाद सामने वाले व्यक्ति (Deductee) को उसका TDS Certificate दे, ताकि वह अपना ITR भरते समय उस टैक्स का क्रेडिट ले सके।
- Form 16: यह Salary पर काटे गए TDS का सर्टिफिकेट होता है, जो Employer द्वारा अपने Employee को सालाना (Yearly) दिया जाता है।
- Form 16A: यह Salary के अलावा अन्य कटौतियों (जैसे Professional fee, Rent, Contractor) का सर्टिफिकेट होता है, जिसे हर तिमाही (Quarterly) इशू किया जाता है।
- Form 26AS & AIS: आपका जो भी TDS कटता है, वह आपके PAN कार्ड से जुड़कर Income Tax Portal के Form 26AS और Annual Information Statement (AIS) में अपने आप रिफ्लेक्ट (Reflect) होने लगता है।