💼 Free Gratuity Calculator (2026)
Calculate your Gratuity as per Payment of Gratuity Act, 1972
नौकरीपेशा लोगों (Employees) के लिए रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ते समय सबसे बड़ा सहारा Gratuity (ग्रेच्युटी) होती है। यह एकमुश्त रकम (Lump sum payment) एम्प्लॉयर की तरफ से आपकी लंबी और वफादार सेवाओं के लिए इनाम (Token of appreciation) के तौर पर दी जाती है।
Shree Dwarikadhish Tax Consultancy का यह Advanced Gratuity Calculator आपको Payment of Gratuity Act के नियमों के आधार पर बिल्कुल सटीक गणना (Accurate Calculation) करके बताता है कि नौकरी छोड़ने पर आपको अपने एम्प्लॉयर से कितने रुपये मिलेंगे और उसमें से कितना हिस्सा टैक्स-फ्री (Tax-Free) होगा।
Gratuity क्या है? (What is Gratuity)
भारत में Payment of Gratuity Act, 1972 के तहत, अगर कोई कंपनी, फैक्ट्री, खदान (Mine) या संस्थान जहाँ 10 या उससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं, तो उन्हें अपने कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने पर ग्रेच्युटी देना कानूनी रूप से अनिवार्य (Mandatory) है।
ग्रेच्युटी पाने के लिए एक ही कंपनी में लगातार 5 साल काम करना (Continuous Service) अनिवार्य है। हालाँकि, मृत्यु (Death) या विकलांगता (Disability) के मामले में 5 साल की यह शर्त लागू नहीं होती; ऐसी स्थिति में पहले दिन से ही ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाता है।
क्या 4 साल 240 दिन पूरे होने पर Gratuity मिलती है?
जी हाँ, यह सबसे बड़ा कन्फ्यूज़न है। मद्रास हाई कोर्ट के एक फैसले और Labour Law के अनुसार, अगर आप एक ही कंपनी में 4 साल और 240 दिन (लगभग 8 महीने) पूरे कर लेते हैं, तो उसे 5 साल की "Continuous Service" मान लिया जाता है और आप ग्रेच्युटी के हक़दार हो जाते हैं।
Gratuity Calculation का Formula
ग्रेच्युटी की गणना इस बात पर निर्भर करती है कि आपकी कंपनी Payment of Gratuity Act के दायरे में आती है या नहीं:
1. Covered under the Act (ज़्यादातर प्राइवेट कंपनियां):
यहाँ कंपनी महीने में 26 Working Days मानती है और हर साल की सेवा के लिए 15 दिन की सैलरी देती है। *Tenure में 6 महीने से ऊपर के समय को पूरा 1 साल माना जाता है (जैसे 5 साल 7 महीने = 6 साल)।
2. Not Covered under the Act:
यहाँ कंपनी महीने में 30 Working Days मानती है। *Tenure में सिर्फ पूरे हुए साल ही गिने जाते हैं (जैसे 5 साल 11 महीने = सिर्फ 5 साल)।
Income Tax Rules on Gratuity (Section 10(10))
Shree Dwarikadhish Tax Consultancy की तरफ से टैक्स छूट की महत्वपूर्ण जानकारी:
मार्च 2018 के बाद से, Private Sector के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी पर टैक्स छूट की अधिकतम सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख (20 Lakhs) कर दी गई है।
- Government Employees (सरकारी कर्मचारी): केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाली पूरी ग्रेच्युटी 100% Tax-Free होती है (Section 10(10)(i))।
- Private Employees (Covered): आपको मिलने वाली ग्रेच्युटी की राशि, या ₹20 लाख (दोनों में से जो कम हो), पूरी तरह Tax-Free होगी। अगर ग्रेच्युटी 20 लाख से ज़्यादा है, तो ऊपर की रकम आपकी सैलरी (Income from Salary) में जुड़ जाएगी और उस पर आपके स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा।
Important Legal Points to Note
- Basic + DA: ग्रेच्युटी सिर्फ Basic Salary और Dearness Allowance (महंगाई भत्ता) पर कैलकुलेट होती है। इसमें HRA, Travel Allowance, Bonus आदि नहीं जोड़े जाते।
- Time Limit: कर्मचारी के नौकरी छोड़ने के 30 दिनों के भीतर कंपनी को ग्रेच्युटी का भुगतान करना अनिवार्य है। अगर कंपनी देर करती है, तो उसे सरकार द्वारा तय की गई दर से Simple Interest (ब्याज) भी देना पड़ता है।
- Nomination: जॉइनिंग के समय Form 'F' भरकर अपना नॉमिनी (Nominee) ज़रूर बनाएं। कर्मचारी की मृत्यु के मामले में ग्रेच्युटी सीधा नॉमिनी को दी जाती है।