क्यों Section 80C आज भी Tax Saving का राजा है?
जब भी हम India में Tax Planning या Income Tax Return (ITR) फाइलिंग की बात करते हैं, तो जुबान पर सबसे पहला नाम Section 80C का ही आता है। चाहे आप अपनी पहली नौकरी शुरू कर रहे हों या रिटायरमेंट के करीब हों, Section 80C आपकी Taxable Income को कम करने का सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय तरीका है।
आज हम November 2025 में खड़े हैं। Income Tax के नियम पहले से काफी बदल चुके हैं, और New Tax Regime अब Default हो चुकी है। ऐसे में कई टैक्सपेयर्स के मन में यह सवाल है कि क्या उन्हें अभी भी Section 80C का फायदा मिलेगा? और अगर हाँ, तो इसे ITR में सही तरीके से Claim कैसे करें ताकि भविष्य में Income Tax Department से कोई Notice न आए?
इस Blog Post में, एक अनुभवी Financial Expert की नजर से, हम Section 80C की हर बारीकी को समझेंगे—कौन से निवेश मान्य हैं, कौन से दस्तावेज जरूरी हैं, और इसे क्लेम करने का Step-by-Step Process क्या है।
एक अनुभवी सलाहकार के रूप में, हमने देखा है कि लोग अक्सर छोटी-छोटी गलतियों की वजह से अपना रिफंड फंसा लेते हैं:
क्या आपको पता है कि Section 80C के अलावा भी 80D (Health), 80CCD (NPS) और Section 24 जैसे कई तरीके हैं जिनसे टैक्स बचाया जा सकता है?
Shree Dwarikadhish Tax Consultancy में हम आपकी पूरी फाइनेंशियल प्रोफाइल का विश्लेषण करते हैं और आपको सबसे बेहतर सलाह देते हैं।
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Team Shree Dwarikadhish Tax Consultancy
जब भी हम India में Tax Planning या Income Tax Return (ITR) फाइलिंग की बात करते हैं, तो जुबान पर सबसे पहला नाम Section 80C का ही आता है। चाहे आप अपनी पहली नौकरी शुरू कर रहे हों या रिटायरमेंट के करीब हों, Section 80C आपकी Taxable Income को कम करने का सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय तरीका है।
आज हम November 2025 में खड़े हैं। Income Tax के नियम पहले से काफी बदल चुके हैं, और New Tax Regime अब Default हो चुकी है। ऐसे में कई टैक्सपेयर्स के मन में यह सवाल है कि क्या उन्हें अभी भी Section 80C का फायदा मिलेगा? और अगर हाँ, तो इसे ITR में सही तरीके से Claim कैसे करें ताकि भविष्य में Income Tax Department से कोई Notice न आए?
इस Blog Post में, एक अनुभवी Financial Expert की नजर से, हम Section 80C की हर बारीकी को समझेंगे—कौन से निवेश मान्य हैं, कौन से दस्तावेज जरूरी हैं, और इसे क्लेम करने का Step-by-Step Process क्या है।
Section 80C क्या है और Limit कितनी है?
Income Tax Act, 1961 का Section 80C आपको अपनी Gross Total Income में से एक निश्चित राशि कम करने की अनुमति देता है।
Maximum Limit: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, Section 80C के तहत अधिकतम छूट की सीमा ₹1.5 लाख (₹1,50,000) है।
Eligible Persons: यह लाभ केवल Individuals और Hindu Undivided Families (HUF) को मिलता है। (Compnies या Firms के लिए नहीं)।
इसका सीधा मतलब है कि अगर आपकी सालाना आय ₹10 लाख है और आप 80C में ₹1.5 लाख निवेश करते हैं, तो टैक्स की गणना ₹8.5 लाख पर की जाएगी (बशर्ते आपने Old Tax Regime चुना हो)।
Income Tax Act, 1961 का Section 80C आपको अपनी Gross Total Income में से एक निश्चित राशि कम करने की अनुमति देता है।
Maximum Limit: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, Section 80C के तहत अधिकतम छूट की सीमा ₹1.5 लाख (₹1,50,000) है।
Eligible Persons: यह लाभ केवल Individuals और Hindu Undivided Families (HUF) को मिलता है। (Compnies या Firms के लिए नहीं)।
इसका सीधा मतलब है कि अगर आपकी सालाना आय ₹10 लाख है और आप 80C में ₹1.5 लाख निवेश करते हैं, तो टैक्स की गणना ₹8.5 लाख पर की जाएगी (बशर्ते आपने Old Tax Regime चुना हो)।
Section 80C में कौन से Investments शामिल हैं? (Complete List 2026)
ज्यादातर लोग सिर्फ LIC Premium को ही 80C मानते हैं, लेकिन इसकी लिस्ट काफी लंबी है। यहाँ सबसे लोकप्रिय और सुरक्षित विकल्पों की सूची दी गई है:
विशेष ध्यान दें: इन सभी विकल्पों का कुल योग (Total) मिलाकर अधिकतम छूट ₹1.5 लाख ही मिलेगी। अगर आप ₹2 लाख निवेश करते हैं, तो भी क्लेम केवल ₹1.5 लाख ही होगा।
विशेष ध्यान दें: इन सभी विकल्पों का कुल योग (Total) मिलाकर अधिकतम छूट ₹1.5 लाख ही मिलेगी। अगर आप ₹2 लाख निवेश करते हैं, तो भी क्लेम केवल ₹1.5 लाख ही होगा।
ITR फाइल करते समय क्लेम कैसे करें? (Step-by-Step)
ITR फाइल करना अब पहले जैसा मुश्किल नहीं रहा, लेकिन Deductions क्लेम करते समय सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। यहाँ वह प्रक्रिया है जिसे आपको फॉलो करना चाहिए:
Step 1: सही Tax Regime चुनें
यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है। Assessment Year 2026-27 (FY 2025-26) के लिए, New Tax Regime डिफॉल्ट है।
ITR फाइल करना अब पहले जैसा मुश्किल नहीं रहा, लेकिन Deductions क्लेम करते समय सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। यहाँ वह प्रक्रिया है जिसे आपको फॉलो करना चाहिए:
Step 1: सही Tax Regime चुनें
यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है। Assessment Year 2026-27 (FY 2025-26) के लिए, New Tax Regime डिफॉल्ट है।
New Tax Regime: इसमें Section 80C की छूट नहीं मिलती।
Old Tax Regime: अगर आपको 80C क्लेम करना है, तो आपको ITR फाइल करते समय "Opt for Old Tax Regime" का विकल्प चुनना होगा।
Old Tax Regime: अगर आपको 80C क्लेम करना है, तो आपको ITR फाइल करते समय "Opt for Old Tax Regime" का विकल्प चुनना होगा।
Step 2: Documents को इकठ्ठा करें
ITR फॉर्म में आपको कोई दस्तावेज अपलोड नहीं करना होता, लेकिन इन्हें अपने रिकॉर्ड में रखना अनिवार्य है। अगर कल को Income Tax Department से कोई क्वेरी आती है, तो ये प्रूफ ही आपको बचाएंगे।
ITR फॉर्म में आपको कोई दस्तावेज अपलोड नहीं करना होता, लेकिन इन्हें अपने रिकॉर्ड में रखना अनिवार्य है। अगर कल को Income Tax Department से कोई क्वेरी आती है, तो ये प्रूफ ही आपको बचाएंगे।
ज़रूरी दस्तावेज़ चेकलिस्ट:
जब आप ऑनलाइन या ऑफलाइन ITR भरते हैं, तो "Deductions" या "Chapter VI-A" नाम का एक सेक्शन आता है।
- Life Insurance Premium Receipts: (Paid stamps के साथ)
- Bank Passbook/Statement: (PPF या Tax Saving FD के लिए)
- Form 16: (अगर आप Salaried हैं, तो इसमें आपका EPF दिखता है)
- Home Loan Certificate: (बैंक से मिलता है, जिसमें Principal और Interest अलग-अलग हों)
- School Fee Receipts: (जिसमें Tuition Fee साफ तौर पर लिखी हो)
- ELSS Statement: (Mutual Fund हाउस से प्राप्त करें)
जब आप ऑनलाइन या ऑफलाइन ITR भरते हैं, तो "Deductions" या "Chapter VI-A" नाम का एक सेक्शन आता है।
- वहाँ Section 80C का कॉलम खोजें।
- अपनी कुल निवेश राशि (Total Investment Amount) दर्ज करें।
- सिस्टम अपने आप इसे अधिकतम ₹1.5 लाख तक सीमित (Cap) कर देगा।
Step 4: Form 26AS और AIS से मैच करें
यह एक Pro Tip है। अपनी निवेश जानकारी को Annual Information Statement (AIS) से क्रॉस-चेक जरूर करें। कई बार बैंक या संस्थाएं आपकी निवेश जानकारी सीधे इनकम टैक्स विभाग को भेज देती हैं। अगर डेटा मैच नहीं होता, तो मिसमैच का नोटिस आ सकता है।
यह एक Pro Tip है। अपनी निवेश जानकारी को Annual Information Statement (AIS) से क्रॉस-चेक जरूर करें। कई बार बैंक या संस्थाएं आपकी निवेश जानकारी सीधे इनकम टैक्स विभाग को भेज देती हैं। अगर डेटा मैच नहीं होता, तो मिसमैच का नोटिस आ सकता है।
आम गलतियाँ जो आपको भारी पड़ सकती हैं (Common Mistakes)
एक अनुभवी सलाहकार के रूप में, हमने देखा है कि लोग अक्सर छोटी-छोटी गलतियों की वजह से अपना रिफंड फंसा लेते हैं:
- Lock-in Period तोड़ना: अगर आप 5 साल से पहले टैक्स सेविंग FD तोड़ते हैं या 3 साल से पहले ELSS बेचते हैं, तो जिस साल आपने छूट ली थी, वह इनकम मानकर उस पर टैक्स लगा दिया जाएगा।
- Double Claiming: अगर पति और पत्नी ने ज्वाइंट होम लोन लिया है, तो दोनों अलग-अलग अपनी-अपनी आय के अनुपात में Principal Amount क्लेम कर सकते हैं, लेकिन कुल क्लेम वास्तविक भुगतान से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
- Tuition Fees: इसमें डोनेशन, ट्रांसपोर्ट फीस या हॉस्टल फीस क्लेम नहीं की जा सकती। सिर्फ Tuition Fees ही मान्य है।
- Parents के नाम पर निवेश: माता-पिता के नाम पर ली गई LIC पॉलिसी या PPF का पैसा 80C में क्लेम नहीं किया जा सकता (80D में हेल्थ इंश्योरेंस अलग है)।
Expert Advice: Shree Dwarikadhish Tax Consultancy
टैक्स बचाना सिर्फ निवेश करना नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से Report करना भी है। विशेष रूप से November 2025 के बाद, जब New vs Old Regime का चुनाव इतना पेचीदा हो गया है, एक गलत निर्णय आपको हजारों रुपये का नुकसान पहुंचा सकता है।
टैक्स बचाना सिर्फ निवेश करना नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से Report करना भी है। विशेष रूप से November 2025 के बाद, जब New vs Old Regime का चुनाव इतना पेचीदा हो गया है, एक गलत निर्णय आपको हजारों रुपये का नुकसान पहुंचा सकता है।
क्या आपको पता है कि Section 80C के अलावा भी 80D (Health), 80CCD (NPS) और Section 24 जैसे कई तरीके हैं जिनसे टैक्स बचाया जा सकता है?
Shree Dwarikadhish Tax Consultancy में हम आपकी पूरी फाइनेंशियल प्रोफाइल का विश्लेषण करते हैं और आपको सबसे बेहतर सलाह देते हैं।
हमारी सेवाएं (Our Services):
हम आपकी सभी टैक्स और बिजनेस जरूरतों के लिए One-Stop Solution प्रदान करते हैं:
हम आपकी सभी टैक्स और बिजनेस जरूरतों के लिए One-Stop Solution प्रदान करते हैं:
- Income Tax Return Filing: (Salaried, Business, Capital Gains)
- Tax Planning & Refund Assistance: अधिकतम रिफंड प्राप्त करने की रणनीतियाँ।
- GST Services: Registration & Monthly/Quarterly Return Filing.
- Business Registrations: MSME, Company/LLP Formation, FSSAI License.
- Other Compliance: PAN/TAN, Trademark, TDS Return, DSC, Professional Tax & Audit.
Overall
Section 80C टैक्स बचत की नींव है, लेकिन इसका फायदा उठाने के लिए Old Tax Regime का चयन और सही दस्तावेजों का होना अनिवार्य है। अंतिम समय की भागदौड़ से बचने के लिए, अपनी टैक्स प्लानिंग समय पर शुरू करें। याद रखें, एक रुपया बचाया मतलब एक रुपया कमाया!
अगर आपको ITR फाइलिंग में कोई भी उलझन हो, या आप यह कैलकुलेट नहीं कर पा रहे हैं कि आपके लिए कौन सा टैक्स रिजीम बेहतर है, तो रिस्क न लें। विशेषज्ञों की मदद लें।
Section 80C टैक्स बचत की नींव है, लेकिन इसका फायदा उठाने के लिए Old Tax Regime का चयन और सही दस्तावेजों का होना अनिवार्य है। अंतिम समय की भागदौड़ से बचने के लिए, अपनी टैक्स प्लानिंग समय पर शुरू करें। याद रखें, एक रुपया बचाया मतलब एक रुपया कमाया!
अगर आपको ITR फाइलिंग में कोई भी उलझन हो, या आप यह कैलकुलेट नहीं कर पा रहे हैं कि आपके लिए कौन सा टैक्स रिजीम बेहतर है, तो रिस्क न लें। विशेषज्ञों की मदद लें।
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