FD Calculator

🏦 Free FD Calculator Online (2026)

Calculate Fixed Deposit Maturity, Compounding Interest & TDS Deductions

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भारत में सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्पों में Fixed Deposit (FD) या फिक्स्ड डिपाजिट सबसे ऊपर आता है। चाहे आपको रिटायरमेंट फण्ड सुरक्षित रखना हो या किसी शॉर्ट टर्म लक्ष्य के लिए पैसा बचाना हो, FD हमेशा गारंटीड रिटर्न (Guaranteed Returns) देती है।

Shree Dwarikadhish Tax Consultancy का यह Advanced FD Calculator आपको न केवल अपनी FD की मैच्योरिटी (Maturity Amount) जानने में मदद करता है, बल्कि यह भी बताता है कि Income Tax नियमों के अनुसार बैंक आपका कितना TDS (Tax Deducted at Source) काटेगा।

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Indian Banks usually compound FD interest Quarterly.

Fixed Deposit (FD) कैसे काम करती है?

Fixed Deposit बैंक या पोस्ट ऑफिस द्वारा दी जाने वाली एक योजना है जहाँ आप एकमुश्त पैसा (Lump Sum Amount) एक तय समय (Tenure) के लिए जमा करते हैं। इसके बदले बैंक आपको सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) की तुलना में ज़्यादा ब्याज देता है। यह ब्याज साधारण (Simple Interest) या चक्रवृद्धि (Compound Interest) हो सकता है।

Senior Citizen Benefits:
भारत में लगभग सभी बैंक और पोस्ट ऑफिस वरिष्ठ नागरिकों (जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है) को सामान्य ब्याज दर से 0.50% (आधा प्रतिशत) अतिरिक्त ब्याज देते हैं।

FD Calculation का Compound Interest Formula

भारत के ज़्यादातर बैंक FD पर Quarterly Compounding (हर 3 महीने में ब्याज पर ब्याज) का नियम लागू करते हैं। इसके लिए यह सूत्र इस्तेमाल होता है:

$A = P \times \left(1 + \frac{r}{n}\right)^{n \times t}$

जहाँ:
A = Maturity Amount (कुल देय राशि)
P = Principal (जमा की गई मूल राशि)
r = Annual Interest Rate (वार्षिक ब्याज दर / 100)
n = Compounding Frequency (Quarterly के लिए 4, Monthly के लिए 12)
t = Tenure (सालों में समय)

TDS & Income Tax Rules on Fixed Deposits (2026 Update)

Shree Dwarikadhish Tax Consultancy की तरफ से सबसे ज़रूरी जानकारी! FD पूरी तरह से टैक्सेबल होती है। आपको होने वाली ब्याज की कमाई पर Income Tax Act के तहत टैक्स देना पड़ता है:

TDS Deduction (Section 194A):
अगर आपको एक वित्तीय वर्ष (Financial Year) में बैंक FD से मिलने वाला कुल ब्याज ₹40,000 (सीनियर सिटीजन के लिए ₹50,000) से अधिक हो जाता है, तो बैंक आपको पैसे देने से पहले ही उस पर 10% TDS काट लेता है।
*यदि आपने बैंक में PAN Card जमा नहीं किया है, तो बैंक 20% TDS काटेगा।

TDS कटने से कैसे बचाएं? (Form 15G / Form 15H)

अगर आपकी कुल सालाना आय (Total Annual Income) सरकार द्वारा तय की गई टैक्स छूट सीमा (Tax Exemption Limit) से कम है, तो आप बैंक में Form 15G (60 वर्ष से कम उम्र वालों के लिए) या Form 15H (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) जमा कर सकते हैं। इसे जमा करने के बाद बैंक आपका TDS नहीं काटेगा।

Tax Saver FD (Section 80C)

अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं, तो आप बैंक में 5 Year Tax Saving FD करवा सकते हैं।

  • Tax Benefit: Income Tax Act की Section 80C के तहत आप 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं।
  • Lock-in Period: इसमें 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। यानी 5 साल से पहले आप किसी भी स्थिति में (इमरजेंसी में भी) यह पैसा नहीं निकाल सकते। ना ही इस FD पर आप कोई बैंक लोन ले सकते हैं।
  • Interest is Taxable: ध्यान दें, टैक्स से छूट सिर्फ जमा की गई मूल राशि (Principal) पर मिलती है, जो ब्याज (Interest) आप कमाएंगे वह पूरी तरह से टैक्सेबल होगा।

FD के फायदे (Benefits of Fixed Deposit)

  • Guaranteed Returns: शेयर बाज़ार की तरह FD के रिटर्न ऊपर-नीचे नहीं होते। जो ब्याज दर तय हो गई, बैंक मैच्योरिटी पर उतना पैसा देने के लिए बाध्य है।
  • DICGC Insurance: RBI के नियमों के अनुसार, हर बैंक में आपका ₹5 लाख रुपये तक का जमा (मूलधन + ब्याज) DICGC द्वारा बीमित (Insured) और 100% सुरक्षित होता है।
  • Loan against FD (Overdraft): इमरजेंसी में आप अपनी FD तोड़े बिना (Premature withdrawal), FD की वैल्यू का 90% तक लोन (Overdraft) ले सकते हैं। इस पर बैंक FD रेट से सिर्फ 1-2% ज्यादा ब्याज लेता है।

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