PPF vs NPS 2026: New Tax Regime के बाद भी कौन सा बेहतर टैक्स सेविंग टूल?

Shree Dwarikadhish Tax Consultancy
By -
0

PPF vs NPS 2026: New Tax Regime के बाद भी कौन सा बेहतर टैक्स सेविंग टूल?

नमस्ते 

नवंबर 2025 में हम एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहाँ भारतीय कर प्रणाली (Tax System) में बड़े बदलाव पूरी तरह से लागू हो चुके हैं। New Tax Regime अब 'डिफॉल्ट' व्यवस्था है, और इसने पारंपरिक टैक्स सेविंग के तरीकों को देखने का नजरिया बदल दिया है।

एक अनुभवी फाइनेंस एक्सपर्ट के तौर पर, मुझसे आजकल सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल यही है: "सर, अब जब नई रिजीम में Section 80C की छूट नहीं मिलती, तो क्या हमें अभी भी PPF में निवेश करना चाहिए? या फिर NPS बेहतर विकल्प है?"

यह सवाल बहुत जायज है। Public Provident Fund (PPF) दशकों से भारतीय मध्यम वर्ग का भरोसा रहा हैसुरक्षित, सरकारी गारंटी वाला और टैक्स बचाने वाला। दूसरी तरफ, National Pension System (NPS) एक आधुनिक, बाजार से जुड़ा रिटायरमेंट प्रोडक्ट है जो पिछले कुछ वर्षों में बहुत लोकप्रिय हुआ है।

आज के इस विस्तृत विश्लेषण में, हम 2026 के परिदृश्य (Assessment Year 2026-27) को ध्यान में रखते हुए PPF और NPS की आमने-सामने तुलना करेंगे। हम सिर्फ टैक्स सेविंग पर ही नहीं, बल्कि रिटर्न, सुरक्षा और आपके रिटायरमेंट लक्ष्यों पर पड़ने वाले असर पर भी बात करेंगे, ताकि आप एक सूचित निर्णय ले सकें।


New Tax Regime का प्रभाव: खेल बदल गया है?

सबसे पहले, यह समझना जरूरी है कि नई कर व्यवस्था ने खेल को कैसे बदला है।

  • New Tax Regime: इसमें टैक्स की दरें (Slabs) कम हैं, लेकिन Section 80C (जिसके तहत PPF में निवेश पर छूट मिलती थी) जैसी अधिकांश प्रमुख कटौतियां उपलब्ध नहीं हैं।
  • Old Tax Regime: इसमें टैक्स की दरें ऊंची हैं, लेकिन आप 80C, 80D, HRA आदि के तहत छूट का दावा कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण मोड़: यदि आप New Tax Regime चुनते हैं (जो कि अब डिफॉल्ट है), तो PPF में निवेश करने का प्राथमिक कारणयानी Section 80C के तहत ₹1.5 लाख की टैक्स छूटखत्म हो जाता है। लेकिन, क्या इसका मतलब यह है कि PPF अब बेकार है? बिल्कुल नहीं। और NPS का क्या? चलिए गहराई से समझते हैं।


Public Provident Fund (PPF): पुराना भरोसा

PPF को भारत में 'सोने के अंडे देने वाली मुर्गी' माना जाता रहा है। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी सुरक्षा और इसका टैक्स स्टेटस है।

PPF की मुख्य विशेषताएं (2026 के परिप्रेक्ष्य में):

  • सुरक्षा और गारंटी (Safety & Guarantee): PPF में निवेश पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा समर्थित है। इसमें आपका मूलधन और ब्याज दोनों सुरक्षित हैं। यह इसे जोखिम से बचने वाले (Risk-Averse) निवेशकों के लिए आदर्श बनाता है।
  • EEE स्टेटस (Exempt-Exempt-Exempt): यह PPF की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) है।
    • निवेश पर छूट: Old Regime में निवेश की गई राशि (₹1.5 लाख तक) पर टैक्स छूट।
    • ब्याज पर छूट: हर साल मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री है।
    • मैच्योरिटी पर छूट: 15 साल बाद मिलने वाली पूरी राशि भी टैक्स-फ्री है।
    • ध्यान दें: भले ही आप New Regime में निवेश पर छूट खो दें, लेकिन ब्याज और मैच्योरिटी पर टैक्स-फ्री स्टेटस इसे अभी भी एक बेहतरीन लंबी अवधि का डेट (Debt) इंस्ट्रूमेंट बनाता है।
  • ब्याज दर (Interest Rate): इसकी ब्याज दर सरकार द्वारा हर तिमाही निर्धारित की जाती है। नवंबर 2025 में यह लगभग 7.1% के आसपास है (यह बदल सकती है) यह दर आमतौर पर बैंक एफडी से बेहतर होती है और कर-मुक्त होने के कारण इसका प्रभावी रिटर्न बहुत आकर्षक होता है।
  • लॉक-इन पीरियड (Lock-in Period): इसका कार्यकाल 15 वर्ष है। हालांकि, 7वें वर्ष से आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) की सुविधा उपलब्ध है।

National Pension System (NPS): आधुनिक रिटायरमेंट समाधान

NPS एक बाजार से जुड़ा उत्पाद है जिसे विशेष रूप से रिटायरमेंट के लिए एक बड़ा कोष बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह आपको इक्विटी (शेयर बाजार) और डेट (फिक्स्ड इनकम) के मिश्रण में निवेश करने की अनुमति देता है।

NPS की मुख्य विशेषताएं (2026 के परिप्रेक्ष्य में):

  • बाजार से जुड़ा रिटर्न (Market-Linked Returns): NPS का रिटर्न इस बात पर निर्भर करता है कि बाजार (इक्विटी और डेट) कैसा प्रदर्शन करता है। लंबी अवधि में (15-20 साल+), इक्विटी एक्सपोजर के कारण इसमें PPF की तुलना में काफी बेहतर रिटर्न (ऐतिहासिक रूप से 9% - 12% या उससे अधिक) देने की क्षमता है।
  • लचीलापन (Flexibility): आपके पास यह चुनने का विकल्प होता है कि आपका कितना पैसा इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों में जाएगा (Active Choice) यदि आप नहीं चुनना चाहते, तो 'Auto Choice' आपकी उम्र के हिसाब से यह काम करता है।
  • New Regime में भी टैक्स लाभ (The Big Advantage): यह NPS का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है।
  • Section 80CCD(1B): Old Regime में, आप 80C की ₹1.5 लाख की सीमा के अलावा NPS (Tier I) में ₹50,000 तक के निवेश पर अतिरिक्त छूट का दावा कर सकते हैं।
  • Section 80CCD(2) - Game Changer: यदि आपका नियोक्ता (Employer) आपके NPS खाते में योगदान देता है, तो वह राशि (आपके बेसिक वेतन + डीए का 10% तक) New Tax Regime में भी टैक्स-फ्री है। यह वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए New Regime में टैक्स बचाने के बहुत कम तरीकों में से एक है।
  • लॉक-इन और निकासी (Lock-in & Withdrawal): यह एक शुद्ध रिटायरमेंट प्रोडक्ट है। पैसा 60 वर्ष की आयु तक लॉक रहता है (कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में आंशिक निकासी की अनुमति है)
  • मैच्योरिटी पर टैक्स (Tax at Maturity): यह PPF से थोड़ा अलग है। 60 वर्ष की आयु पर:
  • आप कुल जमा राशि का 60% तक एकमुश्त निकाल सकते हैं, जो पूरी तरह टैक्स-फ्री है।
  • बाकी बचे 40% का उपयोग आपको एक एन्युटी (Annuity/पेंशन प्लान) खरीदने के लिए करना अनिवार्य है, जिससे आपको हर महीने पेंशन मिलेगी। यह मासिक पेंशन आपकी आय मानी जाएगी और उस पर आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा

PPF vs NPS: आमने-सामने की तुलना (Comparison Table)

आइए एक नजर में दोनों के बीच के मुख्य अंतरों को देखते हैं:

विशेषता (Feature)

Public Provident Fund (PPF)

National Pension System (NPS)

प्रकृति (Nature)

सरकारी गारंटीड डेट स्कीम

बाजार से जुड़ा रिटायरमेंट प्लान (इक्विटी + डेट)

जोखिम (Risk)

लगभग शून्य (Risk-Free)

मध्यम से उच्च (बाजार पर निर्भर)

रिटर्न (Returns)

सरकार द्वारा निर्धारित (वर्तमान में ~7.1%), गारंटीड

बाजार आधारित (लंबी अवधि में अधिक क्षमता, ~9-12%+)

टैक्स लाभ (Old Regime)

Section 80C के तहत ₹1.5 लाख तक।

80C के तहत ₹1.5 लाख + 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त ₹50,000

टैक्स लाभ (New Regime)

निवेश पर कोई छूट नहीं।

Employer Contribution (80CCD(2)) पर छूट मिलती है। (वेतनभोगियों के लिए)

ब्याज/रिटर्न पर टैक्स

पूरी तरह टैक्स-फ्री।

संचय चरण (accumulation phase) के दौरान कोई टैक्स नहीं।

मैच्योरिटी पर टैक्स

पूरी राशि टैक्स-फ्री (EEE)

60% राशि टैक्स-फ्री। शेष 40% से प्राप्त पेंशन पर टैक्स लगता है (EET - आंशिक रूप से)

लॉक-इन (Lock-in)

15 वर्ष (आंशिक निकासी संभव)

60 वर्ष की आयु तक।

 

आपको क्या चुनना चाहिए?

2026 में PPF बनाम NPS का जवाब सीधा 'यह' या 'वह' नहीं है। यह पूरी तरह से आपकी रिस्क लेने की क्षमता, आपके टैक्स रिजीम और आपके वित्तीय लक्ष्यों पर निर्भर करता है।

PPF चुनें यदि:

  1. आप Old Tax Regime चुन रहे हैं और Section 80C की अपनी ₹1.5 लाख की सीमा को पूरा करने के लिए एक सुरक्षित विकल्प की तलाश में हैं।
  2. आप पूरी तरह से जोखिम से बचना चाहते हैं (Risk-Averse Investor) और आपको एक गारंटीड, टैक्स-फ्री रिटर्न चाहिए, भले ही वह थोड़ा कम हो।
  3. आप New Regime में हैं, लेकिन फिर भी आप अपने पोर्टफोलियो के डेट (Debt) हिस्से के लिए एक सुरक्षित, लंबी अवधि का विकल्प चाहते हैं जिसका ब्याज कर-मुक्त हो।

NPS चुनें यदि:

  1. आप एक वेतनभोगी कर्मचारी हैं और New Tax Regime चुन रहे हैं। NPS (Employer Contribution के माध्यम से) इस रिजीम में टैक्स बचाने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है।
  2. आपकी रिटायरमेंट में अभी 15-20 साल या उससे अधिक का समय है। लंबी अवधि में इक्विटी का कम्पाउंडिंग इफेक्ट NPS को PPF से बहुत आगे ले जा सकता है।
  3. आप थोड़ा बाजार जोखिम उठाने को तैयार हैं और महंगाई को मात देने वाले रिटर्न का लक्ष्य रखते हैं।
  4. आप Old Regime में हैं और 80C की सीमा के ऊपर अतिरिक्त ₹50,000 की टैक्स बचत चाहते हैं।

एक एक्सपर्ट की राय:

ज्यादातर निवेशकों के लिए, सबसे अच्छी रणनीति दोनों का मिश्रण (Combination) होती है।

  • PPF आपके रिटायरमेंट पोर्टफोलियो को सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करता है (डेट घटक के रूप में)
  • NPS आपको इक्विटी एक्सपोजर के माध्यम से विकास (Growth) और New Regime में टैक्स लाभ प्रदान करता है।

अपनी उम्र और जोखिम प्रोफाइल के आधार पर, आप इन दोनों में अपना निवेश बांट सकते हैं। उदाहरण के लिए, एक युवा निवेशक NPS में ज्यादा और PPF में कम रख सकता है, जबकि रिटायरमेंट के करीब पहुंच रहा व्यक्ति PPF में आवंटन बढ़ा सकता है।

सही प्लानिंग और प्रोफेशनल मदद की ज़रूरत

वित्तीय नियोजन और टैक्स प्लानिंग एक व्यक्तिगत यात्रा है। जो एक के लिए काम करता है, जरूरी नहीं कि वह दूसरे के लिए भी सही हो। 2026 के बदलते टैक्स परिदृश्य में, सही रिजीम चुनना और उसके अनुसार अपने निवेश को संरेखित करना महत्वपूर्ण है।

एक गलत कदम आपको लंबी अवधि में लाखों रुपये का नुकसान करा सकता है, चाहे वह कम रिटर्न के रूप में हो या अनावश्यक टैक्स के रूप में।

Shree Dwarikadhish Tax Consultancy में, हम सिर्फ आपके टैक्स फाइलर नहीं हैं; हम आपके वित्तीय भागीदार हैं। हम आपकी पूरी वित्तीय तस्वीरआय, व्यय, लक्ष्य और जोखिम प्रोफाइलका विश्लेषण करते हैं ताकि आपको सबसे उपयुक्त सलाह दी जा सके।

हमारी विशेषज्ञ सेवाओं में शामिल हैं:

  • Strategic Tax Planning & ITR Filing: Old vs. New Regime का गहन विश्लेषण और सटीक रिटर्न फाइलिंग।
  • GST Services: सुचारू GST Registration और समय पर Return Filing
  • Business Compliance: MSME Registration, Company/LLP Formation, PAN/TAN सेवाएं, FSSAI लाइसेंस और Trademark पंजीकरण।
  • Advisory & Audit: TDS रिटर्न, प्रोफेशनल टैक्स प्रबंधन, वार्षिक अनुपालन और ऑडिट।
  • Refund Management: अधिकतम रिफंड सुनिश्चित करना और टैक्स प्लानिंग।

यदि आप इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि PPF, NPS या अन्य निवेश विकल्प आपकी 2026 की टैक्स रणनीति में कैसे फिट बैठते हैं, तो आज ही हमसे संपर्क करें।

Contact Us for a Free Consultation:

Shree Dwarikadhish Tax Consultancy

आइए, मिलकर आपके वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करें।

  • WhatsApp/Call: 7898860859 और 939636991
  • Email: Dwarikadhishtaxconsultancy@gmail.com

 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)
3/related/default